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फिलाडेल्फ़िया डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पद की दौड़ में शामिल होने के लिए वक्तव्य

ए. चार्ल्स पेरुटो जूनियर

चुनाव लड़ने की वज़ह

मेरे चुनाव लड़ने की वज़ह बेहद साफ है। हमारे शहर में हिंसक वारदातों की भरमार हो गई है। इस महान शहर में ऊपर से नीचे तक हर तबका हिंसा से प्रभावित है।

लोगों की सुरक्षा मेरी पहली चिंता है और इसका महत्व उन सभी मुद्दों से ज़्यादा है जिनकी आमतौर पर जिला अटॉर्नी को चिंता होनी चाहिए।

इस शहर का हर व्यक्ति गन वॉयलेंस से प्रभावित है, चाहे वह व्यवसायी हो या अपनी संपत्ति की चिंता करने वाला मकान-मालिक, या फिर मैकडोनाल्ड में अपनी पाली के बाद घर लौटने वाले किशोर-किशोरी।

अल्पसंख्यक लोग अधिकांश चुनावों में सबसे उदार उम्मीदवार को वोट देते हैं पर यह समाप्त होना चाहिए। इसे रोकने का एकमात्र तरीका है शिक्षा और जानकारी। काले लोग और हिसपैनिक समुदाय बंदूक-हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पद पर ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो काम को लेकर प्रतिबद्ध हो। इस संकट से उबरने के लिए लोगों को अपनी उदारवादी विचारधारा को एक तरफ रखकर बाकी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

यदि पाठक को (आपको) लगता है कि बंदूक-हिंसा पर कोई लगाम नहीं लगा सकता तो यह पूरी तरह गलत है। इस शहर में कानून लागू कराने वाला मुख्य अधिकारी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी है। पब्लिक डिफेंडर का दिल लेकर डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का कार्य नहीं किया जा सकता।

बंदूक हिंसा बढ़ने की दो प्रमुख वजहें हैं। पहला इस अपराध की सजा जुर्म के मुकाबले कम है। कई युवा नतीजे की चिंता किए बगैर अपराध कर डालते हैं क्योंकि अपने साथियों के अनुभवों से उन्हें मालूम है कि जेल से बाहर आना कोई मुश्किल नहीं है। दूसरा, नशीली दवाओं के व्यापारियों को सजा न मिलने के कारण नशीली दवाओं का व्यापार बहुत फायदेमंद हो गया है जिसमें पहले के मुकाबले बेहद कम जोखिम है। अगर नशीली दवाओं के व्यापार में कोई सजा न हो या बेहद कम सजा हो तो ज्यादा से ज्यादा लोग इसे करना चाहेंगे। ज्यादा पैसे ज्यादा कमाई व बेहद कम जोखिम का यह घालमेल बेहद खतरनाक है। अगर सभी लोग इसमें हाथ आजमाना चाहेंगे तो वे इसके लिए लड़ेंगे भी। यह सामान्य समझ की बात है।

सच्चाई यह है कि हमारे शहर में नशीली दवाओं के व्यापार के लिए इतनी कम सजा कभी भी नहीं थी। साथ ही, हमारे शहर में अवैध रूप से हथियार रखने का अपराध पहली बार करने पर जेल भेजे जाने की आशंका न के बराबर है। इस सब से क्या संदेश मिलता है?

मेरा परिचय

मेरा जन्म  वेस्ट फिलाडेल्फिया के ओवरब्रुक सेक्शन में हुआ और 19 वर्ष की आयु तक मैं वहीं पला-बढ़ा। इसके बाद मैं विनफील्ड सेक्शन गया और अंत में फिर से ओवरब्रुक आ गया। मैंने आठवीं  कक्षा तक की पढ़ाई सेंट कैलिस्टस पेरोकिअल स्कूल से की और उसके बाद केथोलिक सेमनेरी में एक साल तक पादरी की शिक्षा ली  लेकिन जल्दी ही मुझे समझ आ गया कि यह मेरी रुचि का विषय नहीं है। मैंने शहर के सेंट जोसेफ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर डेलवेयर लॉ  स्कूल से विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

कुछ समय लोअर मेरियन में गुजारने के बाद मैं फिलाडेल्फिया, सेंटर सिटी वापस आ गया। इस तरह मैंने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा यहीं गुजारा है। मैं पिछले 40 वर्षों से फिलाडेल्फ़िया में वकालत कर रहा हूँ और मुझे कभी भी बार ने किसी कानून या नियम के उल्लंघन के लिए दंडित नहीं किया। मैंने कई ज़रूरतमन्द लोगों की सदिच्छा से सहायता की है और वकालत विशेषकर क्रिमिनल डिफेन्स के क्षेत्र में मेरा करियर बेहद सफल रहा है। कुछ लोग यह जानकार भयभीत हो सकते हैं, क्योंकि हमारे वर्तमान डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के बारे में ख्याति है कि वे पूर्व में क्रिमिनल डिफेन्स वकील रहे हैं, जबकि ऐसा है नहीं। लैरी क्रेजनर सिविल राइट्स वकील थे जिन्हें पुलिस विभाग पर मुकदमा करने में विशेषज्ञता हासिल थी।

जो कुछ भी उन्होंने किया, मैं उसकी आलोचना नहीं कर रहा, लेकिन मुझे आशा है कि लोग इस बात को समझेंगे कि क्रिमिनल डिफेन्स वकील होना खूबी है, खामी नहीं। सिर्फ इसलिए कि क्रेजनर ने अपराध के अभियुक्तों का बचाव किया, इसका यह अर्थ नहीं है कि मेरा काम भी उनके जैसा है। अपने निर्वाचन के बाद उन्होंने कहा था कि, “अब मैं जनता का बचाव करने वाला वो अधिवक्ता हूँ जिसके पास अधिकार भी हैं”। मैं ऐसा नहीं मानता  और कभी भी ऐसा नहीं बनूँगा। इसीलिए मेरी कमिटी में कई पूर्व वकील, पुलिस अधिकारी और व्यवसायी  शामिल होंगे जो सार्वजनिक सुरक्षा की ज़रूरत समझते हैं। इतने वर्षों में मैंने जो कौशल विकसित किए हैं उनका इस्तेमाल मैं फिलाडेल्फ़िया शहर और इसके नागरिकों के लिए काम करने के लिए करूंगा न कि अभियुक्तों के लिए और यही मैं पूरे जीवन भर सफलतापूर्वक करता रहा हूँ। मैं जानता हूँ कि किन चीजों को बदलना ज़रूरी है और मैं यह बदलाव करूँगा। मुझे आशा है कि आप इस पोजीशन पेपर्स को संपूर्णता में पढ़ेंगे क्योंकि क्योंकि पेरुटो काम को लेकर प्रतिबद्ध है। जब मैं काम कहता हूँ तो इसका अर्थ है सुरक्षित शहर के लिए काम करना क्योंकि इससे व्यवसाय बढ़ेगा, संपत्ति का मूल्य बढ़ेगा और जैसा कि आप मेरे पोज़िशन और पेशे से समझ सकते हैं, इसके मानी यह भी हैं कि मैं अपराधियों से कैसे निपटता हूँ।

मैं बतौर रिपब्लिकन यह चुनाव लड़ रहा हूँ क्योंकि मुझे विश्वास है कि डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पद के लिए क्रेजनर के खिलाफ जो भी डेमोक्रेट खड़े होंगे, वे अंतत: हार जाएंगे क्योंकि क्रेजनर के पीछे जॉर्ज सोरोस का पैसा है।   हालांकि यह समझा जाता रहा है कि इस शहर में जो भी डेमोक्रेटिक नामांकन हासिल करेगा वही चुनाव में भी विजयी होगा, परंतु मेरा कहना है, “निष्कर्ष निकालने में इतनी जल्दबाजी न करें”।

मेरा दृढ़ विश्वास है कि लैरी क्रेजनर ही डेमोक्रेटिक उम्मीदवार होंगे, क्योंकि वह काफी पैसा खर्च कर सकते हैं और यहाँ के उदारवादी अखबार जनता को गलत जानकारी देते हैं, फिर भी मैं fall आम चुनाव में उनका मुकाबला करने के लिए तैयार हूँ, इच्छुक हूँ और सक्षम हूँ और फिर उन्हें बता दूंगा कि उनका पाला किस से पड़ा है।

हम बंदूकों और बंदूक-हिंसा से जुड़े वास्तविक मामलों के वास्तविक तथ्यों और उनके परिणामों के बारे में एक वेबसाईट बनाएंगे। जो कोई भी पढ़ेगा कि पिछले तीन वर्षों में क्या हुआ है, वह दो में से एक काम करेगा। या तो वह दूर बक्स काउंटी भाग जाएगा ताकि शांति से अपना जीवन बिता सके या फिर वह अपने घर, अपनी संपत्ति और अपने प्रिय शहर की खातिर बदलाव लाने के लिए मुझे वोट दे सकता है।

मैं इस शहर को प्यार करता हूँ, हमेशा से करता रहा हूँ और जब कभी भी मैं बाहर गया तो मैंने हमेशा इसका बचाव किया है। इस शहर को सुरक्षित रखा जा सकता है और रखा जाएगा।

निर्वाचित होने पर पहला कार्य

अगर मुझे निर्वाचित होने का सौभाग्य प्राप्त होता है तो मैं शपथ लेने से पहले फिलाडेल्फ़िया के कॉमन प्ली कोर्ट के न्यायाधीश बोर्ड के साथ मुलाकात के लिए अनुरोध करूंगा। मैं उनसे कहूँगा कि बंदूक रखने और गोलीबारी के मामलों की सुनवाई के लिए मुझे मेरी पसंद के 6 न्यायाधीश उपलब्ध कराए जाएँ। मैं उनसे साफ-साफ कहूँगा कि हम बंदूक-हिंसा की महामारी से जूझ रहे हैं और मेरी पसंद के न्यायाधीश सिर्फ इन मामलों की सुनवाई करें।

मेरे द्वारा चयनित न्यायाधीश लंबे कारावास की सजा देंगे, जैसे, बंदूक रखने का अपराध पहली बार करने पर 2 वर्ष और दूसरी बार रखने पर 5 वर्ष की सजा। फिलाडेल्फिया की सड़कों पर ऐसी किसी भी गोलीबारी, जिसमे गोली किसी मासूम को लग सकती है, के लिए पहली बार में 10 साल की सजा होनी चाहिए। साथ ही, इस नयी व्यवस्था में कई नए और पूर्व असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी भी शामिल किए जाएंगे जो सिर्फ इन्हीं मामलों पर काम करेंगे और हर मामले को अपने करियर का सबसे महत्वपूर्ण मामला समझेंगे।

इन असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को स्पेशल असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कहा जाएगा, बेहतर कौशल के लिए इन्हें ज्यादा वेतन दिया जाएगा।

 हम मामलों के फैसलों का विज्ञापन देने के लिए अपना बजट खर्च करेंगे ताकि बंदूक रखने या सड़कों पर उसे चलाने के लिए किसी के पास कोई बहाना न रह जाए।

समाधान

हमें डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पद और उसके कार्यालय की प्राथमिकताएं दुबारा तय करनी होंगी और बजट नए सिरे से तैयार करना होगा। हमें बीमा धोखाधड़ी, नशीली दवाओं से जुडी जांच (कृपया पढ़ते रहें क्योंकि जो मैं कह रहा हूँ, यह भी उससे संबंधित है) और इस कार्यालय का बहुत समय लेने वाले अन्य अपराधों के मामलों से निपटने के लिए  अस्थायी तौर पर फेडरल अधिवक्ताओं पर निर्भर रहना पड़ेगा।

किसी वैध उद्देश्य या लाइसेंस के बगैर हथियार रखने के अपराध के लिए पहली बार 2 साल जेल की सजा होनी चाहिए। इसके बाद हर बार यही अपराध करने पर सजा तिगुनी होती जानी चाहिए। कम खर्चीले प्रचार के माध्यम से इस सजा के बारे में  लोगों को जानकारी देने के लिए डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के बजट का एक हिस्सा खर्च किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई जा सकती है जिसमें हर टेलीविजन चैनल और रेडियो स्टेशन, ब्लॉगर, कॉलमिस्ट और प्रचारकों को आमंत्रित किया जा सकता है। अगर हमें पैसे देकर भी विज्ञापन करना पड़े, तो हम वह भी करेंगे।       

इस महान शहर में गोलीबारी के मामलों में प्ली बारगेनिंग तुरंत समाप्त की जाएगी। चुनाव जीतने पर मैं बोर्ड ऑफ जजेस के साथ बैठक करूंगा और यह करार करने की कोशिश करूंगा कि बंदूक और गोलीबारी के मामलों को शहर के सबसे सख्त न्यायाधीशों को ही सौंपा जाए। इसे प्रचारित भी किया जाएगा। यदि आरोपी न्यायाधीशों के समक्ष अपना अपराध स्वीकार करना चाहते हैं, तो उन्हें इसका मौका दिया जाएगा क्योंकि यह उनका अधिकार है। लेकिन यदि वे कोई समझौता करना चाहते हैं, तो फिर इसे भूल जाएँ। जब तक कि उनके पास कोई बेहद महत्वपूर्ण जानकारी न हो और वे अदालत में खड़े होकर अपना बयान न देना चाहते हों, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।

इन अदालतों में काम करने के लिए हम वर्तमान और पूर्व अभियोजकों की एक विशेष टीम बनाएंगे जो इस कार्यालय की सबसे प्रतिष्ठित इकाई होगी। इस इकाई में बेहतरीन कर्मियों की नियुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

ग्रैंड जूरी

वर्तमान प्रशासन ने ग्रैंड जूरी का बहुत की कम इस्तेमाल किया है। आम लोगों को यह समझना चाहिए कि जब उनके सामने कोई अपराध होता है, तो अदालत में आकार गवाही देना उनकी पसंद नापसंद की बात नहीं, बल्कि यह उनका कर्तव्य है। यदि वे फिलाडेल्फ़िया पुलिस के साथ खिलवाड़ करना चाहें और दावा करें कि उन्हें जो कुछ हुआ, वह अब याद नहीं है तो उन्हें ग्रैंड जूरी के सामने बयान देना होगा। यदि वे पांचवें संशोधन का सहारा लेते हैं तो जिन मामलों में वे आपराधिक रूप से जिम्मेदार हैं, वहाँ तो उन्हें छूट मिलेगी परंतु बाकी मामलों में उन्हें गवाही  देने के लिए बाध्य किया जाएगा। अगर किसी न्यायाधीश को उन्हें गवाही और जानकारी देने से इनकार करने पर दंड भी देना पड़े तो भी बंदूक हिंसा को खत्म करने के लिए वह जरूरी है।

जिस किसी भी व्यक्ति पर इस प्रकार के अपराध के कॉमनवेल्थ गवाह को धमकाने, रिश्वत देने या किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप करने का आरोप होगा, उसे जमानत के लिए इन सख्त न्यायाधीशों की अदालत में लाया जाएगा। हमारा दृढ़ निश्चय है कि गवाहों को डराने के आरोपी किसी भी व्यक्ति को $1,000,000 नकद से कम पर जमानत नहीं दी जाएगी। हमारे गवाहों की सुरक्षा ज़रूरी है और उन्हें सुरक्षा दी जाएगी। किसी गवाह की गवाही देने के बाद उसका प्रतिकार करने के आरोपी व्यक्ति को भी इन्हीं अदालतों के सामने लाया जाएगा। इन मामलों में दी गयी सजाओं का खूब प्रचार भी किया जाएगा।

इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति कहता है कि उसे अपराध के बारे में कुछ नहीं पता, और यह सिद्ध हो जाता है कि वह झूठ बोल रहा है तो उसे भी इन्हीं अदालतों में प्रस्तुत किया जाएगा। ऐसा करना उस व्यक्ति के साथ गलत हो सकता है जिसकी अपराध की कोई मंशा न रही हो, लेकिन बंदूक हिंसा के कारण आज फिलाडेल्फ़िया के हर नागरिक के साथ उससे भी बुरा हो रहा है। जो किया जाना चाहिए, वह ज़रूर किया जाएगा। इन सभी स्थितियों में गवाह को सामने लाने में ग्रैंड जूरी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और वहाँ भी पूर्व और वर्तमान अभियोजकों की एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी।

मृत्यु दंड

यह एक ऐसा विषय है जिसकी वजह से मुझे कई वोटों का घाटा हो सकता है, लेकिन इस पर बात करना ज़रूरी है। जनता को यह समझना चाहिए कि प्रत्येक हत्या के लिए मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। फिर भी कई ऐसे नृशंस मामले होते हैं जिनके लिए मृत्यु ही उचित दंड और निवारक उपाय है। जब कोई नशे का व्यापारी अपने प्रतिद्वंद्वी का अपहरण कर उसके अंग काट डालता है, फिर उन्हें आग में जला डालता है तो यह उस प्रथम श्रेणी की हत्या से भी भयावह है जिसे योजना बनाकर अंजाम दिया गया हो। इस मामले में मृत्यु दंड ही दिया जाना चाहिए। इसलिए अगर फिलाडेल्फ़िया काउंटी का प्रमुख विधि प्रवर्तन अधिकारी कहता है कि वह कभी भी मृत्यु दंड की मांग नहीं करेगा, तो वह इस पद के लायक नहीं है। दूसरी ओर, मृत्यु दंड का इस्तेमाल बहुत कम और सोच-समझकर किया जाना चाहिए। यह निर्णय लेने के लिए कि हम मृत्यु दंड मांगे या नहीं, मेरी कमिटी में जूड कोनरॉय जैसे तर्कसंगत और प्रतिष्ठित अभियोजक शामिल होंगे।

पुलिस

एक बार फिर इस विषय पर भी मेरी राय बहुत स्पष्ट है। हमारे नागरिकों के खिलाफ अपराध करने वाले हर व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, और आम जनता को इस बकवास को बंद करना चाहिए कि वे इस गुट के साथ हैं या उस गुट के खिलाफ हैं।

हर मामले में तथ्य और परिस्थितियाँ अलग-अलग होती हैं। उनसे न्यायपूर्ण ढंग से निपटा जाना चाहिए और सभी तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए। गोलीबारी और नागरिकों से दुर्व्यवहार के कुछ बेहद बुरे मामले  फिलाडेल्फ़िया में भी हुए हैं। सिविल मुकदमों में होने वाले खर्च, जो कई बार पुलिस को प्रशिक्षण देने और साजो-सामान से लैस करने से कई गुना महंगा होता है, शर्मनाक है। उदाहरण के लिए, जब दो सहयोगी पुलिस अधिकारी साथ हों तो क्या घातक हथियार से पहले उनमें से एक को टेजर गन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फिलाडेल्फ़िया पुलिस को अपराधियों से अपनी रक्षा करने का अधिकार होना ही चाहिए। लेकिन अगर जान लेने की बजाय किसी और तरीके से मामले को सुलझाया जा सकता है, तो ईश्वर के लिए ऐसा क्यों न किया जाए। फिलाडेल्फ़िया शहर में 911 ऑपरेटर की तैनाती निराशाजनक है। इस पद के लिए मनोविज्ञान की समुचित शिक्षा, आस-पड़ोस का ज्ञान, और आज के प्रशिक्षण के मुकाबले कहीं सख्त प्रशिक्षण जरूरी है। हमें अपने पुलिस विभाग की संस्कृति ऊपर तक बदलनी होगी। अगर मुझे किसी पुलिस अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय के संबंध में अंदाजा लगाना पड़े तो मैं उस पर मुकदमा दायर नहीं करूंगा। अगर हालात के मद्देनजर उनका निर्णय औचित्यपूर्ण है तो उन्हें अभियोजन से डरने की ज़रूरत नहीं है।

पुलिस विभाग और मेयर कार्यालय में संपर्क अधिकारी के रूप में भी एक अनुभवी असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी  की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि हम सभी मिलकर इस बंदूक हिंसा को खत्म कर सकें। हालांकि मेरी राय है कि हमारे मौजूदा मेयर पुलिस विभाग को चलाने के योग्य नहीं हैं और इसलिए जब तक उनके स्थान पर कोई और आ नहीं जाता तब तक इस दिशा में कोई वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती। जब पुलिस की गाड़ियों पर बम फेंके जा रहे थे, पुलिस पर पेशाब फेंका जा रहा था, उन पर थूका जा रहा था, ऐसे में मेयर द्वारा पुलिस को संयम बरतने का आदेश देना अस्वीकार्य है। यदि जॉर्ज फ्लॉय्ड मामले में विरोध के पहले ही दिन पुलिस  अपना काम ठीक से करती तो हमें दूसरे, तीसरे या पंद्रहवें दिन जो संपत्ति का नुकसान झेलना पड़ा, वह नहीं झेलना पड़ता। इसी प्रकार जिन उचक्कों का विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था, उन पर सिर्फ इसलिए मुकदमा चलाने से इनकार करना, क्योंकि ये घटनाएं “नागरिक अशान्ति” के दौरान हुईं, दोषपूर्ण थीं। लुटेरों और उच्चकों पर मुकदमा दायर न करना जॉर्ज फ्लॉय्ड की स्मृति के साथ अन्याय है। इन परिस्थितियों से व्यवसाय और कारोबार शहर से बाहर चले जाते हैं और संपत्ति कर बढ़ जाता है क्योंकि शहर में संपत्ति कर अदा करने वाले व्यवसाय कम हो जाते हैं तो जो बचते हैं उन्हें ज्यादा चुकाना पड़ता है।

मारिजुआना

मारिजुआना रखने पर तब तक कोई मुकदमा दायर नहीं होगा जब तक कि उससे बंदूक हिंसा न बढ़े या हमारे बच्चे उसके शिकार न बनाए जाएं। लेकिन अगर कोई शहर के खेल के मैदान या किसी स्कूल के सामने सड़क के दूसरे किनारे पर मारिजुआना पीता है तो फिर उससे कानून के हिसाब से निपटा जाएगा। ऐसे मामले में आज की तरह $75 का जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि मामले को अदालत में ले जाया जाएगा और अगर इस जुर्म के लिए जेल नहीं होती तो आरोपी अपने-आप को सौभाग्यशाली समझे। अगर आप अपने घर में मारिजुआना पीते हुए वीडियो गेम खेलना चाहें तो इस बारे में मैं कुछ नहीं करूंगा, करना भी नहीं चाहिए।

उत्प्रवास

जो लोग यहाँ अवैध रूप से हैं और उनके पास कोई कागजात नहीं हैं, उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाएगा। इस समस्या से निपटने की जिम्मेदारी फिलाडेल्फिया शहर की नहीं, राष्ट्रीय स्तर की है। मेरा इरादा उनको ढूँढने के  लिए अपने कर्मचारियों को लगाना और कराधान से प्राप्त डॉलरों को खर्च करना नहीं है। अगर वे हमें परेशान नहीं करते तो मैं भी उन्हें किसी तरह तंग नहीं करना चाहता।

लेकिन यदि कोई अवैध विदेशी हमारी जनता के खिलाफ कुछ खास अपराध जैसे बलात्कार, डकैती, चोरी या ईश्वर न करे, हत्या का अपराध करता है तो जनता की सुरक्षा के लिए उससे बहुत ऊंची जमानत राशि वसूली जाएगी। हम आई सी ई को भी सूचित करेंगे ताकि जमानत देने के बाद भी उन्हें रोके रखा जा सके।

ऐसे अपराधों के लिए दोषी पाए जाने पर पुलिस और डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय को इसकी सूचना आई सी ई को देने को कहा जाएगा।

अगर मेयर अपने अधीन पुलिस को, ऐसा न करने का आदेश देता है तो यह न्याय में बाधा डालना होगा। यहाँ ये लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, हमारे समाज को नुकसान पहुँचा रहे हैं और संघीय कानून के मुताबिक उन्हें प्रत्यावर्तित कर देना चाहिए। इसके विरुद्ध मेयर का कोई भी आदेश कानून का उल्लंघन हैं और यह निर्णय लेने के लिए ग्रैंड जूरी बुलाई जाएगी कि क्या मेयर ने किसी कानून का उल्लंघन तो नहीं किया। यदि उसने कानून का उल्लंघन किया होगा तो उस पर न्याय में बाधा डालने के लिए मुकदमा चलाया जाएगा। यह उपाय कठोर लग सकता है लेकिन पुलिस के संरक्षण के लिए यह जरूरी है; और निर्वाचित डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का यही काम है।

गुणवत्तापूर्ण जीवन के विरुद्ध अपराध

क्रेजनर प्रशासन में हमारे नागरिकों के विरुद्ध हो रहे कई अपराधों के लिए तो मुकदमा भी नहीं चलाया जाता। कार और गाड़ियों के टायरों को पंक्चर करना, कार के रेडियो या उसमें रखे निजी सामान की चोरी के लिए कार की खिड़कियों के शीशों को तोड़ना, ग्रेफिटी बनाना, हुड़दंग करना जैसे अपराधों के लिए भी मुकदमा चलाया जाएगा।

पीड़ित को दोबारा परेशानी न हो, इसलिए उन्हें सिटी सेंटर जाने या पार्किंग के लिए पैसे नहीं चुकाना होगा क्योंकि पार्किंग की फीस ही किसी भी गवाह को अदालत में आने से रोकने के लिए काफी होती है।

इस प्रकार के अपराधों की सुनवाई घटनास्थल के सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन में फिलाडेल्फ़िया म्यूनिसपल कोर्ट के सहयोग से होगी। कृपया इस बात का ध्यान रखें कि मेरे प्रशासन का सर्वोच्च लक्ष्य बंदूक हिंसा को समाप्त करना है। अगर इन अपराधों का अभियोजन इससे प्रभावित हो तो हमें समझना होगा कि क्या-क्या बलिदान किया जाना है।

नियुक्तियाँ

लैरी क्रेजनर ने जितने नए असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की नियुक्ति की, सभी फिलाडेल्फ़िया के बाहर के थे। उनको लगता है कि येल और हार्वर्ड जैसे संस्थानों के स्नातकों की नियुक्ति से इस शहर की समस्याएं सुलझ जाएंगी।

आपने यह उक्ति सुनी होगी,” कुछ अलग हट के सोचो (थिंक आउटसाइड दी बॉक्स)”? मैं कहता हूँ, यहाँ से जुड़ के सोचो (थिंक इन्साइड द  बॉक्स)” और यहाँ के लोगों को नियुक्त करो।

फिलाडेल्फ़िया में पैदा होने और पलने-बढ़ने, ओवरब्रुक के सेंट केलिस्टस में पेरोकियल स्कूल में पढ़ने और सेंट जोसेफ विश्वविद्यालय तथा डेलवेयर लॉ स्कूल से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के कारण मैं जानता हूँ कि हमारा आस-पड़ोस कैसा है और यहाँ कैसे स्नातक तैयार होते हैं।

हमें देश के बेहतरीन विधि स्नातकों को ढूँढने के लिए फिलाडेल्फिया से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। हमारे पास ही पेनिसेलवेनिया यूनिवर्सिटी है, टेम्पल, ड्रेक्सल, विलनोवा और डेलवेयर लॉ  स्कूल हैं। इनके अलावा कहीं और से नियुक्ति करने की ज़रूरत ही नहीं, बल्कि मैं आग्रह करूंगा कि ऐसे किसी विधि छात्र को नियुक्त ही न किया जाए जो इन स्कूलों में न गया हो या इस इलाके में पला-बढ़ा न हो। यह भेदभाव नहीं है, यह फिलाडेल्फ़िया के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का कार्यालय है जो फिलाडेल्फ़िया के लोगों के लिए है।

ये छात्र अपने आस-पड़ोस के बारे में जानते हैं और किसी भी जूरी को चुनते समय अगर आपको यह जानना महत्वपूर्ण नहीं लगता कि किस इलाके की राय किस मामले में क्या हो सकती है, तो फिर आप वह मुकदमा हार जाएंगे।

मुझे पूरा भरोसा है कि जो लोग इस क्षेत्र और आस-पड़ोस को नहीं जानते उनके डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय में न होने से चीजें बेहतर ही होंगी।

दूसरी बात जब इतने उच्च स्तरीय लॉ स्कूल हमारे पास ही हैं तो हम कहीं और जाने के बारे में सोचे ही क्यों?

एक बार जब ये पोजीशन पेपर्स जारी हो जाएंगे तो मुझे पूरा भरोसा है कि लैरी क्रेज़नर इस समस्या को सुलझाना  चाहेंगे ताकि चुनाव के दौरान वे यह दावा कर सकें कि उन्होंने सभी क्षेत्रों के लोगों की नियुक्ति की है। ध्यान दीजिएगा कि इन पेपर्स के जारी होने के समय तक उन्होंने किन लोगों को नियुक्त किया है।

हिस्पैनिक, रूसी और अन्य समुदाय

लगभग सभी राजनेता और मीडिया ब्लैक और व्हाइट समुदाय से जुड़े मुद्दों पर बात करते  हैं लेकिन हिस्पैनिक, रूसी और एशियाई समुदायों को वे भूल जाते हैं।

अपने करियर के दौरान सैकड़ों हिस्पैनिक प्रतिवादियों की नुमाइंदगी करने के बाद, मैंने उनके परिवारों, समुदायों, धर्म, और राजनीति के बारे में बहुत कुछ जाना है। वे किसी भी समुदाय के मुकाबले ज्यादा वंचित और प्रतिनिधित्वहीन महसूस करते हैं।

जब ये पोजीशन पेपर्स जारी होंगे, तब देखिएगा कि फिलाडेल्फ़िया डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय में कितने हिस्पैनिक होंगे। मुझे विश्वास है कि अब जबकि इस समस्या का जिक्र हो चुका है तो लैरी क्रेज़नर उनकी संख्या को बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे। डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय में उनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है, हमेशा कम रहा है, और अगर मैं चुनाव जीतता हूँ तो इस स्थिति में तुरंत बदलाव आएगा।

यही बात रूसी और एशियाई समुदायों के साथ भी है, जो कुछ हिस्पैनिक समुदाय के बारे में मैंने कहा वही बात  रूसियों और एशियाई समुदाय के बारे में भी कही जा सकती है, जिनका प्रतिनिधित्व कम रहा है जबकि देश में उनकी आबादी काफी है। खासकर एशियाई समुदाय को घोटाले जैसे अपराधों के लिए टारगेट किया जाता रहा है, जो भाषा की बाधा के कारण नजरअंदाज  हो जाते हैं।

हमारे डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय को इन दो अलग-अलग समूहों पर 10गुना अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इस शहर में सिर्फ ब्लैक और व्हाइट ही नहीं रहते।

ब्लैक्स का जीवन महत्वपूर्ण है (ब्लैक लाइव्स मैटर)  

इस मुद्दे की समस्या है कि इसे ठीक से समझा नहीं जाता। ब्लैक और व्हाइट दोनों समुदायों के अपने-अपने वैध तर्क हैं और इसमें कोई समस्या नहीं है। समस्या यह है कि वे एक दूसरे को सुनना नहीं चाहते।

अगर हमारे बीच खुले दिमाग से विचारों का सामान्य आदान-प्रदान हो, तो आँसू गैस या रबर की गोलियों के मुकाबले कहीं ज्यादा विवाद सुलझ सकते हैं।

एक दुष्ट पुलिस अधिकारी तय करता है कि वही न्यायाधीश और जूरी है और जॉर्ज फ्लॉय्ड का जीवन समाप्त कर देता है। मैं इस मामले में स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यदि इन दोनों के बीच उनके पुराने काम के कारण कोई रंजिश थी, और इसे साबित किया जा सकता है, तो जूरी यह निर्णय करने में सक्षम होगी कि इसे प्रथम श्रेणी की हत्या माना जाए क्योंकि यह इरादतन और पहले से सोच-समझकर की गयी हो सकती है। मैंने अभी ऐसा कोई साक्ष्य नहीं देखा है, लेकिन अगर कभी यह सामने आता है, तो इसकी सुनवाई एक जूरी द्वारा होनी चाहिए।

जॉर्ज फ्लॉय्ड संत था या उसे शहीद का दर्जा दिया जाए, ये सब बातें यहाँ असंगत हैं। वह जीवित व्यक्ति था, और अब वह जीवित नहीं है। यही वो तीली थी जिसने लंबे समय से पनप रहे असंतोष की आग को भड़का दिया। इसलिए व्हाइट अपने रोजमर्रा के जीवन से थोड़ा समय निकाल कर बैठें और सुनें कि वास्तव में ब्लैक क्या कहना चाहते हैं, ब्लैक लाइव्स मैटर का वास्तविक अर्थ क्या है, इसका वास्तविक उद्देश्य क्या है। इसका यह अर्थ नहीं है कि व्हाइट समुदाय के लोगों के जीवन का कोई महत्व नहीं या ब्लैक समुदाय के लोगों का जीवन व्हाइट समुदाय के लोगों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसका बस यही अर्थ है कि हमारे बारे में भी सोचें।

    मेरा 1000 प्रतिशत मानना है कि अमरीकियों को अपने विश्वास के आधार पर विरोध का अधिकार है।  अपनी दिक्कतें सामने लाना है ताकि लोग उनके बारे में जानें और बदलाव के नज़रिए से उन पर चर्चा करें। लेकिन मेरी राय में इसका तरीका संपत्ति को नुकसान पहुंचना, लूटपाट, आगजनी आदि नहीं  है और अगर मैं चुनाव जीता तो मैं इन सभी अपराधों के लिए मुकदमा चलाऊँगा।

हमारे कई ब्लैक नेता ब्लैक बाहुल्य वाले इलाकों में सुपर मार्केट बनाने की मांग करते रहे हैं जिसे बड़ी कंपनियां लगातार ठुकराती रही हैं। अपने आस-पड़ोस के इन बाजारों और व्यवसायों को लूटकर ब्लैक्स अपने आप को ही नुकसान पहुँच रहे हैं क्योंकि एक बार ये व्यवसाय जला दिए गए तो उन्हें वर्षों तक असुविधा का सामना करना होगा और सुपर मार्केट जाने के लिए यात्रा करनी होगी या पड़ोस की दुकान पर ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

हो सकता है लोग ब्लैक ऑन ब्लैक (ब्लैक्स के विरुद्ध ब्लैक्स द्वारा किया जाने वाला) अपराधों के बारे में सुन कर थक गए हों, लेकिन यह एक गंभीर वास्तविकता है और ब्लैक समुदाय की बहुसंख्यक खामोश आबादी का सच है। जब उन्हें उठाईगीरी, चोरी या डकैती का सामना करना पड़ता है और वे इसकी रिपोर्ट पुलिस को करते हैं, तो पड़ोसियों और अन्य लोगों द्वारा गवाहों को अदालत न जाने और घर पर बैठे रहने का दबाव डालना गलत है। अपराध के लिए सजा न मिले तो और अपराध पनपते हैं और फिर यह दुष्चक्र कभी खत्म नहीं होगा। नॉर्थ और वेस्ट फिलाडेल्फ़िया के ब्लैक्स को यह हक होना चाहिए कि वे 10 मिनट के लिए सड़क किनारे अपनी साइकिल खड़ी कर अंदर जाकर पानी पीकर बाहर आयें और उनकी साइकिल तब भी वहीं खड़ी हो। इस संस्कृति को बदला जाना चाहिए और बेहतर जीवन के लिए किए जाने वाले अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

जब मैं “प्रासिक्यूट” कहता हूँ तो मेरा अर्थ “सताना नहीं होता। मेरा यह आशय नहीं कि यदि कोई अच्छा बच्चा हो जिस पर उसके दोस्त साइकिल चुराने के लिए दबाव डालें तो जीवन भर के लिए उसके नाम आपराधिक रिकॉर्ड में दर्ज हो जाए। ऐसे कार्यक्रम हैं जिनके जरिए वह अपने नाम के आगे दर्ज आपराधिक रिकार्ड को हटवा सके। लेकिन हर बार उन्हें छोड़ते जाने से हम सभी को परेशानी और तकलीफ होती है।

ओपीआईओआईडी संकट

फिलाडेल्फ़िया की सीमा के भीतर लगभग हर परिवार इस रोग से प्रभावित है। किसी को और मुझे भी नहीं पता कि इस समस्या को कैसे हाल किया जाए, लेकिन एक डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के रूप में मेरे कुछ प्रस्ताव हैं।

सबसे पहली बात, बिना नुस्खे या पर्चे के हेरोइन या पिल रखना/ लेना अपराध है।

सभी अपराधों के लिए मुकद्दमा चलाया जाना चाहिए, क्योंकि डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी इसी काम की शपथ लेता है। मेरा प्रस्ताव है कि हम अपनी काउंटी की कोई ऐसी जेल लें जिसका अभी इस्तेमाल नहीं हो रहा है और उसे सुरक्षित नशामुक्ति केंद्र (ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर) में बदल दें जहां प्रशिक्षित स्टाफ हो।

इस जेल को केंद्र में बदलने और स्टाफ की नियुक्ति से नई नौकरियों का सृजन होगा जिसकी फिलाडेल्फ़िया को बहुत ज़रूरत है।

लोगों को नशीली दवाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए हमें उन्हें कुछ लालच देना होगा और प्रेरित करना होगा, मेरा प्रस्ताव है कि उन्हें इस कानून को तोड़ने पर गाइडलाइन कारावास की सजा दी जाए जहां वे नशा छोड़ने और इन-पेशेंट कार्यक्रम पूरा करने के बाद सजा की अवधि से पहले रिहा हो सकें।

चूंकि नशे के आदी अपने आप से यह कदम नहीं उठायेंगे, इसलिए नए काउंटी नशामुक्ति केंद्र में हमें उनकी सहायता करनी चाहिए। अपने प्रियजनों के बारे में यह जानकारी न होने कि वे सड़कों पर कहाँ नशा करते हैं, से यह जानना कहीं बेहतर है कि वे इस केंद्र में हैं।

 रिहा किए जाने के बाद हर हफ्ते उनका ड्रग टेस्ट होगा, यह उनके पैरोल की शर्त होगी, और अगर दुबारा वे नशे का सेवन करते पाए गए तो उन्हें दुबारा नशा मुक्ति केंद्र ले जाया जाएगा। दूसरी बार जल्द रिहाई अधिक कठिन होगी। ऐसा करना लोगों को हिंसक अपराधों से बचाने और बेहतर जीवन के लिए किए जाने वाले अपराधों  को रोकने के लिए आवश्यक है।

जब लोग ऐसी जगह होंगे जहां उनको आजादी न हो तो वे अपनी तलब मिटाने के लिए पैसे के वास्ते हमारे घरों से चीजें नहीं चुरा सकते, हमारी गाड़ियां नहीं तोड़ सकते और बंदूक के बल पर डकैती नहीं कर सकते।   यह बात बेहद कठोर लग सकती है, लेकिन यह सच्चाई है कि अगर आपका कोई प्रियजन ऐसी स्थिति में हो तो उसके मारे जाने के डर से क्या यह बेहतर नहीं कि वह नशा मुक्ति केंद्र में जीवित रहे। नशे के आदी व्यक्ति के लिए हमेशा उम्मीद रहती है और इस केंद्र से उन्हें और उनके परिवार वालों को उसी उम्मीद का सहारा मिलेगा, साथ ही जनता भी सुरक्षित रहेगी।

मौजूदा प्रशासन के अधीन इन अपराधों के लिए मुकदमा तक नहीं चलाया जाता, इसलिए उनकी चोरी-चकारी  और समाज को अपना शिकार बनाने की घटनाओं पर कोई नियंत्रण नहीं है जिसकी रक्षा की मैं शपथ लेता हूँ।  

     अगर आप जानना चाहते हैं कि मैं “सुरक्षित इन्जेक्शन केंद्र ” के पक्ष में हूँ या नहीं तो ऊपर लिखी बातें पढिए और आपको उत्तर मिल जाएगा। हेरोइन लेना कभी भी सुरक्षित नहीं है, और यह तथ्य कि आप इसे अपने ही जैसे अन्य लोगों के साथ ले रहे हैं ताकि जान सकें कि उन्होंने ये नशीली दवाएं कहाँ से खरीदीं, किसके पास बेहतर दवाएं हैं, किसके पास सस्ती दवाएं हैं, आदि आदि, यह विचार ही मनुष्य-जाति के इतिहास का सबसे बेवकूफी वाला विचार है।

साथ ही, जब आप पढ़ते हैं कि जेल में कैदियों ने नशीली दवाओं की ज्यादा मात्रा ले ली, तो क्या आपके मन में यह सवाल नहीं आता कि ये दवाएं जेल के अंदर पहुँचती कैसे हैं”? अगर आप इसका जवाब नहीं जानते तो इसलिए कि लैरी क्रेज़नर ने इसकी जांच के लिए अब तक किसी ग्रैंड जूरी का गठन नहीं किया है, जबकि मैं ऐसा करूंगा।

दंड प्रक्रिया सुधार

  1. न्यायाधीशों का चयन और चुनाव

    उम्मीदवार, नकद जमानत, मारिजुआना और वेश्यावृत्ति के लिए कोई अभियोजन न होना जैसे कई सुधारों की बात करते रहते हैं, लेकिन क्या कभी आपने वास्तविक सुधारों के बारे में कोई प्रस्ताव सुना है जिससे दांडिक न्याय प्रणाली वास्तव में बेहतर बनेगी।

    सबसे पहले हमें चुनाव के जरिए न्यायाधीशों का चयन बंद करना होगा। जिस तरह से हमारे न्यायाधीशों का चुनाव होता है वह बहुत ही बेढंगा है। क्या आप जानते हैं कि पिछले 40 वर्षों में कॉमन प्ली कोर्ट के न्यायाधीशों का चयन कैसे हुआ है? न्यायिक निर्वाचनों में 3 या अधिक के बैलट में अगर किसी को पहला बैलट मिल जाए तो 98% संभावना है कि वह न्यायाधीश चुन लिया जाएगा। दूसरे शब्दों में अगर कोई पहली बैलट पोजीशन पाने में सफल रहता है तो वह न्यायाधीश बन जाएगा। यानि जो व्यक्ति बैलट संबंधी  न्यूनतम अपेक्षाएं पूरी कर सके, वह न्यायाधीश बनकर रोज ज़िंदगी और मौत के फैसले सुनाएगा।

    इसके अलावा, कई उम्मीदवार किन्हीं संगठनों के समर्थन से खड़े होते हैं और उनके पास न्यायाधीश बनने के लिए कोई वास्तविक योग्यता नहीं होती और वे न्यायाधीश बन जाते हैं और  निर्णय करते हैं कि बच्चा माँ के पास रहेगा या पिता के, कोई व्यवसाय बंद किया जाए या नहीं, यहाँ तक कि  किसी को जेल भेजा जाए या नहीं ।

    मेरा प्रस्ताव है कि एक न्यायिक आयोग बने जिसमें समुदाय के अलग-अलग पक्ष शामिल हों जिन्हें एक से लेकर पाँच वोट का हक हो।  इसमें डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, बोर्ड ऑफ जजेज़ (क्योंकि आखिरकार वकील हर समय उन्हीं के सामने पेश होते हैं और वे जानते हैं कि कौन योग्य है और कौन नहीं), बार एसोसिएशन, जिसका निर्वाचन होना ही चाहिए ताकि कोई एक व्यक्ति उनके वोट को अनुचित रूप से प्रभावित न कर सके, मेयर, श्रमिक, जिन्हें आपस में तय करना होगा कि उनके वोट के लिए विभिन्न घटक व्यवसाय कैसे सहमति हासिल करेंगे। मुझे विश्वास है कि वे रोटेशन के आधार पर इसका तरीका निकाल लेंगे, फ्रेटर्नल ऑर्डर ऑफ पुलिस, गार्जियन सिविक लीग और शायद कुछ अन्य वर्ग शामिल हो सकते हैं। सभी को ऐसे उम्मीदवारों में से चुनना होगा जिन्हें “बार एसोसिएशन” “सर्वाधिक योग्य” माने।

    निश्चित ही इस प्रस्ताव को अच्छे तरीके से तैयार करना होगा कि किसे एक वोट मिलेगा और किसे दो, लेकिन मेरा मानना है कि आप मेरी बात समझ रहे होंगे। हालांकि कोई भी व्यवस्था पूरी तरह से खामियों से मुक्त नहीं हो सकती, लेकिन उपर्युक्त व्यवस्था आज के मौजूद हास्यास्पद व्यवस्था से कहीं बेहतर होगी, जहां आम-नागरिक वोटिंग बूथ में जाकर ऐसे न्यायाधीश के लिए वोट देते हैं जिनके बारे में वे कुछ नहीं जानते। दूसरे शब्दों में, हमारे न्यायाधीश राजनीतिक कम होने चाहिए और योग्य ज्यादा।

     

  2. नकद जमानत

    मैंने कई ऐसे उम्मीदवार देखे हैं जो बहुत उत्साह से राय देते हैं कि नकद जमानत की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। लेकिन इससे अन्य विभागों पर दबाव पड़ता है कि वे ऐसे लोगों की ढूंढने में लगे रहें जो परिणाम की चिंता किए बिना अदालत नहीं आते।

    जब बेहतर जीवन के लिए किए गए किसी अपराध का आरोपी अदालत में हाजिर नहीं होता और लंबे समय तक कानून से भागता रहता है तो ऐसा हो सकता है इस दौरान उसने जिस व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया हो, वह कहीं और चला जाए, उसकी मृत्यु हो जाए या फिर किसी कारण वह मामले को आगे न बढ़ा पाए। इसका मतलब यह भी हुआ कि हम अपराधी को अदालत में तब तक हाजिर न होने का मौका दे रहे हैं जब तक कि मामला रफा-दफा न हो जाए। जमानत प्रणाली के तहत अदालत में हाजिर न होने पर लोगों को पैसे चुकाने पड़ते हैं। क्या नकद जमानत प्रणाली में सुधार की जरूरत है? बिल्कुल है। दंड न्याय प्रणाली में ऐसा कुछ भी नहीं जिसे सुधार नहीं जा सकता, लेकिन नकद जमानत को पूरी तरह समाप्त करना खतरनाक होगा। मैं इस बात से सहमत हूँ कि हमें किसी गरीब प्रतिवादी को सिर्फ इसलिए बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि वह मामूली सी जमानत राशि अदा नहीं कर सकता, लेकिन यदि वे एक के बाद दूसरा अपराध करते रहें तो हमारी कानून व्यवस्था को ऐसा खुला दरवाजा नहीं होना चाहिए, जहां उन्हें कोई सजा ही न मिले क्योंकि उन्हें कभी कैद में नहीं रखना है।

    मैं इस बात से सहमत हूँ कि जिन लोगों का अदालत से गैर-हाजिर होने का कोई इतिहास न रहा हो और यदि  उनकी गिरफ़्तारी कुछ उल्लिखित अपराधों के लिए हुई हो और अगर वे समुदाय के लिए कोई खतरा नहीं हैं तो उन्हें कोई जमानत के लिए नकद देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

    यहाँ असली सुधार की जरूरत है बेल कमिश्नर की नियुक्ति में। हम किसे बेल कमिश्नर चुनें। यह एक राजनीतिक नियुक्ति है और इतने संवेदनशील पद पर नियुक्त होने के लिए व्यक्ति को पर्याप्त योग्य होना चाहिए।

  3. द्वितीय श्रेणी की हत्या

    मतदाताओं को यह समझना चाहिए कि किसी अन्य घोर अपराध, जैसे डकैती, आगजनी आदि के दौरान होने वाली हत्या द्वितीय श्रेणी की हत्या होती है। मसलन यदि कोई 18 साल का युवा किसी बड़े के साथ जाकर पहली बार डकैती डालता है क्योंकि उसे ड्रग्स की लत है और उसका 30 वर्षीय साथी पिस्तौल निकालकर स्टोर मालिक की हत्या कर देता है तो वर्तमान न्याय प्रणाली में न्यायाधीश के पास इस 18 वर्ष के युवा को आजीवन कारावास देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। यह बात मुझे अपनी वकालत की शुरुआत से ही खटकती रही है क्योंकि मेरी पृष्ठभूमि हत्या जैसे बड़े अपराधों को लड़ने वाले अधिवक्ता की रही है। मैं इस बात से सहमत हूँ कि ऐसे अपराध की सजा जेल होनी चाहिए लेकिन आजीवन कारावास पहली बार अपराध करने वाले के लिए, जिसने गोली भी न चलाई हो, बहुत कठोर सजा है और इसे बदला जाना चाहिए।

     

  4. तीन बार का नियम (थ्री स्ट्राइक रूल)

    क्या आप जानते हैं कि अगर आपका बेटा या बेटी दूसरी बार किसी के घर में डकैती करता है, इस वारदात में किसी को कोई चोट नहीं पहुँचती, घर को भी नहीं, तब भी उसे कम से कम 10 साल की सजा अनिवार्य रूप से भुगतानी होगी? ऐसा इसलिए क्योंकि यह दूसरी बार किया गया अपराध है, और अगर तीसरी बार यही अपराध किया जाए तो इसके लिए कम से कम 30 साल की सजा भुगतानी होगी। अनिवार्य दंड के साथ यही समस्या है। हालांकि मैं मानता हूँ कि कुछ मामलों में अनिवार्य दंड अच्छी बात है, लेकिन थ्री स्ट्राइक रूल वास्तव में अन्यायपूर्ण हो सकता है और इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। ऐसे मामले हो सकते हैं जहां मेरी राय में पहली बार अपराध करने वाले को भी 10 साल की जेल होनी चाहिए, लेकिन ऐसे भी मामले होते हैं जहाँ दूसरी  बार के अपराध के लिए 10 वर्ष की जेल बहुत कठोर सजा है।

    इसलिए हमें अपनी सामान्य बुद्धि का प्रयोग कर सभी कारकों में संतुलन बिठाते हुए उपयुक्त सजा देनी चाहिए न कि ऐसी अनिवार्य सजाएं जहां न्यायाधीश के हाथ बंधे हों।

     

  5. बेहतर जीवन के लिए किए जाने वाले अपराधों में मुकदमा न चलाया जाना

    श्री क्रेज़नर ने कहा है कि वह कुछ विशेष अपराधों जैसे वेश्यावृत्ति के लिए कोई मुकदमा नहीं चलाएंगे, परंतु ऐसे वक्तव्यों से किसी का कोई भला नहीं होता। 99% समय ये वेश्याएं, स्त्री और पुरुष दोनों, ड्रग्स के आदी होते हैं और उन्हें मदद की जरूरत होती है। अगर उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा तो हम उन्हें नशा छोड़कर कानून की जकड़ से बाहर निकलने के लिए कैसे प्रोत्साहित करेंगे। इसलिए अभियोजन ही न करना बेवकूफी की बात है और इससे दीर्घावधि में फायदे की जगह नुकसान ही ज्यादा होगा। जहां मदद संभव है, वहाँ तो मदद करनी ही चाहिए।

  6. दुकानों से चोरी(शॉपलिफ्टिंग)

    पेंसिल्वेनिया में ऐसे कानून हैं जो दुकानदारों की बार-बार चोरी करने वालों से रक्षा करते हैं।

    पहली बार चोरी करने को छोटा अपराध, दूसरी बार को साधारण और तीसरी बार को घोर अपराध माना जाता है। दोबारा, तिबारा अपराध करने पर जुर्माना बढ़ने का कारण यह है कि वही लोग बार-बार दुकानों से चीजें चुराते हैं और अगर हर बार उन्हें ट्रैफिक उल्लंघन जैसे छोटे अपराध पर लगने वाले जुर्माने की तरह छोटा-मोटा दंड ही भुगतना पड़े, तो फिर उन्हें चोरी करने से नहीं रोका जा सकता।

    क्रेजनर प्रशासन या तो दुकानों से चीजें चुराने वालों पर मुकदमा ही नहीं चलाता और अगर चलाए भी तो दूसरी, तीसरी, चौथी, पाँचवी और दसवीं बार चोरी करने पर भी इसे छोटा अपराध ही माना जाता है।

    इन दुकानों में विरोध प्रदर्शनों की महामारी के दौरान आगजनी और लूट-पाट की गयी। उस समय अधिकांश दूकानें बंद थीं। और अब हमारे डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कहते हैं कि समाज के लिए उनका कोई मूल्य नहीं है और वे चाहें तो अपना सामान पैक कर जा सकते हैं।

    कोई दुकान मालिक कितना सहन कर सकता है? हमें अपने व्यवसायों का संरक्षण करना चाहिए क्योंकि वे अपने न्यायोचित हिस्से से कहीं अधिक कर चुकाते हैं और जितना ज्यादा कर वे चुकाते हैं, मकान-मालिक  उतना ही कम कर चुकाते हैं। सरकार का खर्च तो उतना ही होता है इसलिए जब ज्यादा लोग कर चुकाते हैं तो हरेक को कम पैसे चुकाने पड़ते हैं। हमें इन व्यवसायों को शहर छोड़ कर जाने से रोकना होगा। 

  7. रिकॉर्ड से नाम हटाया जाना

    क्रेजनर प्रशासन बड़ी संख्या में लोगों को जेल में डालने को बुरा समझता है और उसका मानना है कि इससे हमारी सड़कें ज्यादा सुरक्षित नहीं होंतीं, बस लोगों को सार्थक रोजगार हासिल करने में समस्या आती है।

    अभी कुछ दिन पहले अदालत में मेरे पास एक प्रतिवादी आया जो अपने पूरे जीवनकाल में केवल एक साधारण अपराध का ही दोषी था। उसे 30 वर्ष पहले दोषी पाया गया था और तब से वह एक सफल व्यवसायी है। मैंने उसका रिकॉर्ड हटवाने की कोशिश की, असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को भी लगा कि इस आपराधिक रिकॉर्ड से इस व्यक्ति को बांधे रखना अन्यायपूर्ण है और उसने अपने पर्यवेक्षकों से अनापत्ति की अनुमति प्राप्त करने की कोशिश की।

    अभियोजक कमरे में वापस आया और उसने न्यायाधीश को परामर्श दिया कि उसे कहा गया है कि उन्हें इस बात पर जरूर आपत्ति जतानी चाहिए क्योंकि दोषसिद्धि दोषसिद्धि है फिर चाहे वह कितनी ही पहले क्यों न हुई हो। यह मशीनी ढंग से किया गया अन्याय है। हम वकीलों की तरह सोच रहे हैं या किसी मशीन की तरह बिना सोचे समझे एक ढर्रे पर काम कर रहे हैं।

    मेरा प्रस्ताव है कि एक बार अपराध करने वाले व्यक्ति द्वारा किए गए साधारण अपराध को 15 या अधिक वर्ष हो गए हों तो उन्हें इस रिकॉर्ड को हटवाने का अधिकार होना चाहिए। इसी प्रकार एक घोर अपराध को 30 या अधिक वर्ष हो गए हों तो कुछ अपवादों को छोड़कर उन्हें इस  रिकॉर्ड को हटवाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

  8. कैदियों के अधिकार

जो उम्मीदवार दंड न्याय में सुधार चाहते हैं, उनमें से कोई भी उन विषयों के बारे में बात नहीं करेगा, जिनकी मैं चर्चा कर रहा हूँ, क्योंकि दरअसल वे लोगों की बात नहीं सुनते।

उदाहरण के लिए जब कोई काउंटी जेल में कैदी होता है और उसका परिवार उसकी आवाज सुनने के लिए बेचैन हो, ऐसे में अधिकांश समय अच्छा आचरण कर रहे उन कैदियों को अपने प्रियजनों से संपर्क करने के लिए क्या चुकाना पड़ता है, यह जानना ही परेशान कर देने वाला है।  

डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ा योगदान देने वाले भोजन, मरम्मत और रखरखाव और यहाँ तक कि फोन के ठेके भी नियंत्रित करते हैं।

क्या अपने परिवार के साथ संक्षेप में बात करने के लिए न्यूनतम $5 वसूलना जरूरी है? क्या फोन कॉल के लिए पैसे लेना और उन परिवार जनों पर और बोझ डालना जरूरी है जो बिना कोई अपराध किए दंड भुगत रहे हैं।

आज की प्रौद्योगिकी के चलते कोई वजह नहीं कि ये फोन कॉल मुफ़्त न हों, इन के लिए कोई पैसा क्यों चुकाना पड़े।

साथ ही, कैदियों द्वारा किए जाने वाले फोन कॉल की संख्या और समय को विनियमित करना  हर जेल के वार्डन की जिम्मेदारी होगी। इसमें कोई शक नहीं कि यह उनका अधिकार है, लेकिन फोन कॉल के लिए फीस के मुद्दे का समाधान होना चाहिए और तुरंत होना चाहिए। फोनकॉल अच्छा व्यवहार करने वाले कैदियों को पुरस्कृत करने और किसी की इज्जत न करने वाले कैदियों को दंडित करने का बहुत अच्छा तरीका है।

हमें कैदियों को जेल में भरना भर नहीं है, हमें उन्हें जेल के बाहर के जीवन के लिए तैयार करना है।

इस शहर के डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वर्षों तक संगठित श्रमिकों का समर्थन मिलता रहा है। फिर इन उम्मीदवारों ने पूर्व कैदियों को बिजली के काम, प्लमबिंग, सीमेंट के काम, बढ़ईगीरी और पुताई का प्रशिक्षण देने के लिए इन श्रमिकों की मदद क्यों नहीं ली?  क्या किसी ने इसकी कोशिश की है?

मैं साफ तौर पर यह बात कहना चाहूँगा कि मैं शतप्रतिशत संगठित श्रम के पक्ष में हूँ। कोई वजह नहीं है कि मिलियन डॉलर बोनस के साथ कारपोरेट एक्जीक्यूटिव ही समृद्धि का आनंद क्यों लें।

फिलाडेल्फ़िया के कामगार पुरुषों और स्त्रियों को भी यह आनंद प्राप्त करने का अधिकार है। इसलिए, मेरे प्रशासन के हर निर्णय से संगठित श्रमिकों को बहुत फायदा होगा, साथ ही मैं प्रत्येक यूनियन के नेता से क्षमतावान  कैदियों को प्रशिक्षण और उनकी नियुक्ति के लिए निष्पक्ष अवसर देने का भी आग्रह करूंगा। 

कुछ लोग तर्क देंगे कि यह डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का नहीं मेयर का काम है। मेरा तर्क है कि उनका कहना गलत है क्योंकि डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का कार्यालय कई लोगों को रोजगार देता है और वह एक मिसाल कायम कर औरों को प्रोत्साहित करेगा।

अपराधी के रूप में दोषसिद्धि से किसी व्यक्ति का पूरा भविष्य बर्बाद नहीं होना चाहिए। मैं समुदाय के तमाम नेताओं से विचार-विमर्श कर ऐसा पैमाना स्थापित करने के लिए कदम उठाऊँगा जिसके तहत पूर्व अभियुक्त का रिकॉर्ड दोषसिद्धि के कुछ निश्चित वर्षों के बाद सील कर दिया जाए।

वर्तमान में अगर कोई व्यक्ति हमले का 18 साल पहले दोषी रहा हो तो भी नियोक्ता उसे नौकरी देने से डरेगा। यह डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित करे कि रिकॉर्ड रखे जाएं, उपाय किए जाएँ और ऐसे समाधान निकाले जाएँ जिनसे अमेरिकी कार्पोरेट को कुछ वर्षों के बाद  उस दोष सिद्धि का पता न लग सके। निश्चय ही हर मामले में अलग-अलग फैसला लेना होगा और ऐसा फैसला तभी होगा जब मेरे कार्यालय को यह विश्वास हो जाए कि अपराध की पुनरावृत्ति का खतरा बहुत ही कम है।

और भी बहुत कुछ है

उपरोक्त सूची दंड न्याय सुधारों की पूरी सूची नहीं है, लेकिन जैसा कि आप देख सकते हैं कि यह सही दिशा में और सुधार की गुंजाइश वाले क्षेत्रों में प्रस्तावित सही कदम है।


Peruto For DA
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